राही
नदिया
में नइया,
चप्पू
की धार.
मांझी
की ताकत,
कर
देती है पार.
उड़ते
हैं पंक्षी,
है
युग की उड़ान.
सूरज
का उगना,
भर
देता है जान.
नदिया
है निर्मल,
निरन्तर
है धार.
रोचक
है जीवन,
और
उसका संचार.
चलते
हैं राही,
चुनते
हैं राह.
इरादे
हों पक्के
तो
मंजिल आसान.
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